अध्याय 207

हालाँकि शब्द कहे नहीं गए थे, लेकिन दूसरी तरफ बैठे व्यक्ति तक बात साफ़ पहुँच चुकी थी।

उधर वाले ने नाक-भौं सिकोड़ी—क्लिया की हालत का उसे पहले ही अंदाज़ा हो गया था। “लुईस अभी तुम्हें मिलने नहीं दे रहा, है न?”

क्लिया हाथ में फोन लिए वहीं खड़ी रही, जवाब देने की हिम्मत नहीं हुई।

कुछ पल की खामोशी के बाद...

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