अध्याय 22

आरिया के जाते ही इयान की भौंहें तन गईं। वह लौरा को घूरता रहा—चेहरे पर शक साफ़ लिखा था।

उसकी नज़र मानो सर्जन की छुरी थी, जो लौरा के बनावटी आवरण को परत-दर-परत चीरती जा रही थी।

उस निगाह के नीचे अपराधबोध जाग उठा तो लौरा ने अनायास ही होंठ काट लिया।

“डैड, कसम से मैंने कुछ भी गलत नहीं किया। मुझे भी नहीं...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें