अध्याय 255

आख़िरकार, सायमन उसका भतीजा ही तो था। क्या लुईस सच में उसे यूँ ही मुश्किल में छोड़ सकता था?

फोन की दूसरी तरफ़ वाले ने झटपट एक पता बताया और कॉल काट दी।

आरिया घबराई हुई-सी बिस्तर पर उठकर बैठ गई। “क्या हुआ?”

लुईस ने फौरन कपड़े बदले और लौटकर आरिया के माथे पर जल्दी से एक चुंबन कर दिया। “कोई बड़ी बात नह...

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