अध्याय 288

पेनेलोपी के बोलते ही गैरेट की साँस जैसे अटक गई।

गैरेट घबराकर पेनेलोपी की तरफ देखने लगा और हकलाते हुए बोला, “पेनेलोपी, मैं… मैं उन बातों की परवाह नहीं करता। प्लीज़, खुद को परेशान मत करो…”

वह बात पूरी भी नहीं कर पाया था कि एक तेज़-सी खनक ने उसे बीच में रोक दिया।

लुईस ने अपना कप मेज़ पर रख दिया था।

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