अध्याय 299

मर्फ़ी मैनर में रखे फूल बाहर फेंक दिए गए थे। गहरे अँधेरे में उनके चमकीले लाल पंखुड़ियाँ और भी चुभती दिख रही थीं, मगर किसी को परवाह नहीं थी।

खिड़की से बाहर पड़े फूलों को देख नौकरानी ने अफ़सोस भरी नज़र डाली और बड़बड़ाई, “कितनी बरबादी है।”

“इसमें इतनी बड़ी बात क्या है?”

दूसरी नौकरानी भी आकर खड़ी हो ...

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