अध्याय 303

"सच में? कुछ भी नहीं?"

ये शब्द कोल पर मुक्के की तरह पड़े। कुछ तो ज़रूर गड़बड़ थी।

कोल ने भौंहें सिकोड़ लीं, नील के चेहरे के भावों को देखते-देखते उसे आखिर समझ आया कि बात सही नहीं है।

"नील, क्या चल रहा है?"

"कोल, क्या तुम्हें पता है, जब तुम उस बच्चे का रिकॉर्ड लेने गए थे, तो तुम सड़क पर लगे एक सीस...

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