अध्याय 369

एरिया का मूड गज़ब का था—जिस इंसान की उसे कमी खलती थी उसे देख लिया था, रात भर चैन की नींद मिली थी, और सुबह-सुबह दो-चार तारीफ़ें भी सुनने को मिल गई थीं।

उसने जस्टिन और लिंडा की तरफ़ गर्मजोशी से मुस्कुराकर देखा; उसकी आँखों में इतनी नरमी थी कि कोनों पर हल्की-सी सिलवट पड़ गई।

लिंडा चुप रही, मन ही मन सो...

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