अध्याय 371

लुईस ने हल्का-सा सिर हिलाया और खुद ही बोल पड़ा, “सॉरी, आज देर हो गई।”

ज़ैकरी के चेहरे पर मुस्कान खिल उठी—कहीं से भी इंतज़ार की झुंझलाहट नहीं झलक रही थी। “कोई बात नहीं, ज़रूर कोई ज़रूरी काम आ गया होगा।”

लुईस चुप रहा।

वो इसे कहे भी तो कैसे? काम तो था—पर वैसा भी नहीं कि बहुत अर्जेंट; बस प्यार-मोहब्ब...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें