अध्याय 374

विंडसर परिवार महल के भीतर पनप रही उथल-पुथल से बेख़बर, चैन की नींद सोता रहा।

आरिया सोफ़े पर बैठी थी। उसकी आवाज़ आज कुछ ज़्यादा ही सख़्त थी, “उस हादसे के बाद ये तुम्हारी पहली सार्वजनिक मौजूदगी है। कुछ बातें कहने से बेहतर है कि अनकही ही रहें।”

“रिलैक्स, आरिया। मैं संभाल लूँगा। बस देखते रहना—दो-चार बा...

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