अध्याय 40

सबकी तरह आरिया भी लुईस को देखे बिना नहीं रह पाई। लुईस की नज़र उस पर पड़ी, और उनकी आँखें एक-दूसरे में अटक गईं।

एक पल को आरिया की साँस थम-सी गई, और उसे आसपास खड़ी औरतों की उत्साहित फुसफुसाहटें साफ़ सुनाई देने लगीं।

“हे भगवान, वो इधर ही देख रहा है! मैं तो बेहोश हो जाऊँगी।”

“रुको-रुको, अभी बेहोश मत ह...

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