अध्याय 429

गैरेट ने ऊँची इमारत में खड़े-खड़े खिड़की से बाहर देखते हुए धीमी-सी साँस छोड़ी। “जब बाहर अकेले होते हो, तो घर की याद और भी ज़्यादा आती है।”

लुईस अपनी कुर्सी पर पीछे टिक गया, चुपचाप—फोन में आती हवा की हल्की-सी सिसकारी सुनता रहा।

गैरेट ने कुछ देर इंतज़ार किया, मगर लुईस से तसल्ली की एक भी बात नहीं मिल...

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