अध्याय 91

"तुमने क्या देखा?" बेकी ठिठकी, उसकी आँखों में हैरानी की हल्की-सी झलक तैर गई।

क्या आरिया को कुछ याद आने लगा था?

आरिया ने झुंझलाकर सिर हिलाया। "पता नहीं… सब कुछ गड्डमड्ड है। एक बहुत बड़ी आग थी, एक अंतहीन समंदर, और एक आदमी की आवाज़… लेकिन सब टुकड़ों-टुकड़ों में। मैं समझ ही नहीं पाई कि वो क्या कह रहा ...

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