अध्याय 172

यह छोटा-सा वाकया एमिली के मन में लगभग दर्ज ही नहीं हुआ। एरिका और बाकी लोग जब तक लौटकर उसकी हालत देखने आए, तब तक वह काम में पूरी तरह डूब चुकी थी।

कंपनी की ज़िम्मेदारियों और अपने डिज़ाइन प्रोजेक्ट्स के बीच समय मानो मुट्ठी से रेत की तरह फिसल जाता था। फिर भी दोनों तरफ़ काम लगातार आगे बढ़ रहा था, जिससे ...

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