अध्याय 174

एमिली ने उसकी हैरान नज़र से नज़र मिलाई और हल्के से सिर हिलाया। होंठों के कोने पर एक फीकी-सी मुस्कान खेल गई।

“मैं ही हूँ। पाँच साल पहले, कुछ परेशानियों की वजह से मैंने अपना स्टूडियो कुछ समय के लिए बंद कर दिया था। फिर मेरा अपहरण हो गया…”

याद आते ही उसकी मुस्कान में हल्की कड़वाहट घुल गई।

स्कारलेट ने...

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