अध्याय 180

लॉरा की आवाज़ में हल्की-सी चुभती हुई हँसी थी। “एमिली, अभी तो हालात तुम्हारे लिए काफ़ी खराब लग रहे हैं। उस शर्त वाले समझौते पर दस्तख़त करने की हिम्मत भी तुमने ही की थी। अब बचा क्या है—सबके सामने बेइज़्ज़ती।”

चारों तरफ़ की फुसफुसाहटें, ताने और नफ़रत एक के ऊपर एक चढ़ते गए, मानो एमिली को पूरी तरह डुबो ...

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