अध्याय 237

जैसे ही उसके टूटते हुए सब्र की आख़िरी डोर भी चटकने को हुई, लिफ्ट ने धीमे से टन-टन की आवाज़ की।

एमिली बाहर निकली।

पतली काया। ठंडी, सँभली हुई चाल-ढाल। करीने से फिट बिज़नेस सूट, जो उसे सधा हुआ और प्रोफेशनल दिखा रहा था। चेहरा शांत, बिल्कुल बेख़बर—वह इतनी आसान शिकार लग रही थी।

उसी पल रॉय की हिचक का आख...

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