अध्याय 25

बियांका ग़म से बेसुध थी। वह लौरा का हाथ कसकर पकड़े हुए थी और उसके गालों पर आँसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।

जेसन भी पास ही खड़ा था। उसकी भौंहें तनी हुई थीं और चेहरे पर चिंता का भारी साया था।

कुछ पल के लिए कमरे में किसी का ध्यान एमिली पर नहीं गया—वह बिना आवाज़ किए चुपचाप भीतर आ गई थी।

एमिली दरवाज़...

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