अध्याय 105

उसे तो यहाँ तक लगने लगा कि ऐलेन ही बेवजह हठ कर रही है।

वह बहुत कम ही इस हद तक झुका था—खुद पहल करके उसका ख़याल रखा था—फिर भी उसकी नज़र में क्या वह सचमुच इतना घिनौना था?

ऐलेन की आवाज़ में थकान की हल्की लकीर थी। वह बोली, “मैं बस सच बोल रही हूँ। हमारा तलाक़ हो चुका है। अब मेरी कोई कीमत न तुम्हारे लिए...

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