अध्याय 128

एलेन का दिल इस कदर दुख रहा था कि उसे ठीक से साँस भी नहीं मिल पा रही थी। उसने किसी तरह अपनी काँपती आवाज़ को संभाला, “मिस डियाज़, परेशानी के लिए मुझे बहुत अफ़सोस है। मैं जितनी जल्दी हो सके वहाँ पहुँचती हूँ।”

फोन रखते ही उसने आदतन अपने पास रखी बैसाखी पकड़ी और तेज़ी से दरवाज़े की तरफ़ बढ़ गई।

उसे तुरं...

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