अध्याय 181

एलेन आर्थर के पक्षपाती हाव-भाव को घूरती रही; भीतर बेबसी की एक लहर-सी उठकर उसे घेरने लगी।

उसने गहरी साँस ली और सीने में उमड़ते सवालों को ज़बरदस्ती दबा लिया।

इस वक्त सबसे ज़रूरी बात बहस करना नहीं, बल्कि अपनी बेटी वीरा की सलामती थी।

उनकी बातों को अनसुना कर वह इलाज कर रहे डॉक्टर की तरफ़ मुड़ी, “डॉक्...

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