अध्याय 189

पहले, जब भी उसे ज़रा-सी भी तकलीफ़ का संकेत मिलता, आर्थर तुरंत उसकी बात मान लेता था।

लेकिन इस बार आर्थर की पेशानी पर पड़ी लकीर और गहरी हो गई।

वह हिला तक नहीं। बस धीमी आवाज़ में बोला, “तबीयत ठीक नहीं है? हम तो पहले से ही अस्पताल में हैं। मैं डॉक्टर को बुलाकर तुम्हें दिखा देता हूँ।”

कहते-कहते उसने द...

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