अध्याय 235

जब वेरा हाथ धोकर वापस आई, तो उसने देखा कि उसकी माँ आँसू पोंछ रही है। वह तुरंत दौड़कर आई और अपनी नन्ही बाँहें एलेन की टाँगों के चारों ओर लपेट दीं। “मम्मी, मत रोओ! दादी, आप भी मत रोओ! वेरा आपको एक मज़ाक सुनाएगी!”

वेरा की चहकती बातों से फीका-सा अस्पताल का कमरा जैसे थोड़ा उजला हो गया।

एलेन ने वेरा को...

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